यह दोनों तकनीकें मिनिमली इनवेसिव सर्जरी (Minimally Invasive Surgery) के अंतर्गत आती हैं, जिसमें बड़े चीरे की बजाय छोटे छेदों से सर्जरी की जाती है।
लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में एक पतला कैमरा और विशेष उपकरणों से शरीर के अंदर सर्जरी की जाती है। रोबोटिक सर्जरी में सर्जन एक मशीन के ज़रिए सर्जरी करता है जो और भी अधिक सटीकता देती है।
डॉ. सिन्हा बताते हैं, “ये तकनीकें पित्त की थैली की पथरी, हर्निया, अपेंडिक्स, और कुछ कैंसर जैसी जटिल बीमारियों के इलाज के लिए बेहतरीन विकल्प हैं।
रायपुर के मरीज़ क्यों चुन रहे हैं यह सर्जरी?
MMI अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीज़ों को कुछ ही दिनों में घर भेज दिया जाता है और उन्हें पारंपरिक सर्जरी की तुलना में बहुत कम दर्द होता है।
रोबोटिक तकनीक से सर्जन बेहद बारीकी से ऑपरेशन कर पाते हैं जिससे ब्लीडिंग, इन्फेक्शन और कॉम्प्लिकेशन की संभावना बहुत कम हो जाती है।
डॉ. राजेश सिन्हा को रायपुर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ से मरीज़ सलाह के लिए खोजते हैं। वे रायपुर के सबसे अनुभवी सर्जनों में से एक हैं।
डॉ. राजेश सिन्हा किन बीमारियों की सर्जरी करते हैं?
यदि आप इंटरनेट पर “रायपुर में सबसे अच्छा हर्निया सर्जन” या Gallbladder सर्जरी रायपुर में” ढूंढ रहे हैं, तो डॉ. राजेश सिन्हा एक भरोसेमंद नाम हैं।
क्यों चुनें डॉ. राजेश सिन्हा और MMI नारायणा अस्पताल?
099938 20657
MMI Narayana Hospital, Raipur